निरयन राशिचक्र
मूल बातें
निरयन राशिचक्र वास्तविक नक्षत्रों पर स्थिर है, अतः कोई राशि अपने तारों से संरेखित बनी रहती है। यह प्राचीनतर विधि है—बेबीलोनियों और समूचे भारतीय (वैदिक) ज्योतिष में प्रयुक्त—और अयन चलन के कारण आज यह सायन राशिचक्र से लगभग 24° दूर है।
इन प्रणालियों में प्रयुक्त
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